हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा — IPS पूरन कुमार ने किया परेशान, DGP साहब ईमानदार हैं।

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हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या — पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

हरियाणा पुलिस विभाग से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि मृतक ASI ने अपने सुसाइड नोट में IPS अधिकारी पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि अधिकारी ने उन्हें लगातार परेशान किया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

इस दर्दनाक घटना के बाद हरियाणा पुलिस विभाग में चर्चा का माहौल है। कई साथी पुलिसकर्मियों ने कहा कि ASI काफी समय से मानसिक तनाव में थे। हालांकि, सुसाइड नोट में ASI ने स्पष्ट लिखा कि DGP साहब ईमानदार हैं और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।


हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या

परिवार का आरोप — न्याय की मांग

मृतक ASI के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या की है, तो परिजनों ने मुख्यमंत्री और DGP से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिवार का यह भी कहना है कि अगर जांच निष्पक्ष नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे।


IPS पूरन कुमार पर सवाल — जांच की मांग तेज़

सुसाइड नोट में सीधे तौर पर IPS पूरन कुमार का नाम आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गर्मी बढ़ा दी है। विपक्षी दलों ने इसे एक “सिस्टम फेलियर” बताया है। उन्होंने कहा कि अगर एक ASI जैसी जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर सकता है, तो यह पूरे तंत्र के लिए चिंता का विषय है।

वहीं, पुलिस विभाग ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


DGP साहब की ईमानदारी पर भरोसा

दिलचस्प बात यह है कि अपने अंतिम पत्र में ASI ने लिखा कि “DGP साहब ईमानदार हैं, उनका इसमें कोई दोष नहीं।” इस वाक्य ने पूरे प्रकरण को और भी संवेदनशील बना दिया है। एक ओर जहां IPS अधिकारी पर आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के शीर्ष अधिकारी की ईमानदारी की तारीफ की गई है।

इससे यह साफ झलकता है कि ASI की समस्या व्यक्तिगत स्तर पर थी, लेकिन उसकी वजह से पूरे विभाग की छवि प्रभावित हो रही है।हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या


मानसिक दबाव और कार्यस्थल का तनाव

यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि क्या हमारे पुलिसकर्मी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं? पुलिस विभाग में लंबे समय तक ड्यूटी, छुट्टियों की कमी और वरिष्ठ अधिकारियों का दबाव जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं।
हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या जैसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सिस्टम के भीतर मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसकर्मियों के लिए नियमित काउंसलिंग सत्र और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए। इससे ऐसे कदमों को रोका जा सकता है।


सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जांच टीम तुरंत गठित की जाए और 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाए।

वहीं, DGP ने भी कहा कि विभाग में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूज़र्स ने ASI के परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि न्याय मिलना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ भी इंसाफ होना जरूरी है। हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या


निष्कर्ष

हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या का मामला केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। यह घटना बताती है कि हमें पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। अगर ऐसी घटनाओं को रोकना है, तो पारदर्शिता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण वातावरण बनाना आवश्यक है। हरियाणा में ASI ने की आत्महत्या

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